चार श्रम कोड रद्द करने की मांग को लेकर रानीगंज में श्रमिकों का विशाल जुलूस, 12 फरवरी की देशव्यापी हड़ताल सफल बनाने का आह्वान
रानीगंज- श्रमिक विरोधी मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम कोड को रद्द करने की मांग में सोमवार को रानीगंज शहर में एक विशाल जुलूस निकाला गया। 12 फरवरी को होने वाली देशव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने के आह्वान के साथ यह जुलूस रानीगंज पोस्ट ऑफिस मैदान से शुरू होकर सी.आर. रोड और बड़ा बाजार होते हुए नेताजी की प्रतिमा के सामने जाकर समाप्त हुआ।
इस जुलूस में श्रमिक, किसान, खेत मजदूर बस्ती विकास समिति और 12 जुलाई कमेटी सहित कई संगठनों के सदस्य शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र की भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए नए श्रम कोड को तत्काल रद्द करने की मांग की। साथ ही समान काम के लिए समान वेतन, न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने, बिजली बिल माफ करने, रेगा परियोजना में 100 दिनों के कार्य को बहाल कर 200 दिन करने और किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी जैसी मांगों को लेकर जोरदार नारे लगाए गए।
नेताजी की प्रतिमा के सामने आयोजित सभा में अशोक घोष ने श्रमिकों को संबोधित किया और हड़ताल की प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के शासनकाल में जीवन और आजीविका का संकट लगातार गहराता जा रहा है, जिससे मुक्ति पाने के लिए श्रमिकों को एकजुट होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
हड़ताल को सफल बनाने के लिए रानीगंज के कोयलांचल क्षेत्र में व्यापक प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। दीवार लेखन, पोस्टर लगाने का कार्य पूरा हो चुका है और विभिन्न इलाकों में लगातार जुलूस निकाले जा रहे हैं। घर-घर जाकर हड़ताल के उद्देश्य और जरूरत को समझाते हुए प्रचार पर्चे बांटे जा रहे हैं। कारखानों के गेट से लेकर मोहल्लों और ग्रामीण पगडंडियों तक, रोज़मर्रा के कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रमिक शामिल हो रहे हैं।
श्रमजीवी वर्ग का कहना है कि मोदी सरकार की नीतियों के चलते बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और असुरक्षा के बीच अब आम हड़ताल ही उनकी आवाज़ बुलंद करने का सबसे प्रभावी माध्यम बन गई है।
चार श्रम कोड रद्द करने की मांग को लेकर रानीगंज में श्रमिकों का विशाल जुलूस, 12 फरवरी की देशव्यापी हड़ताल सफल बनाने का आह्वान
Reviewed by Bengal Media
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February 09, 2026
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