आसनसोल- आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की विधायक अग्निमित्रा पाल ने आदिवासी संताल समुदाय के पारंपरिक पर्व सहराय बांदना पर्व के अवसर पर आदिवासी संस्कृति और परंपरा के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए एक विशेष पहल की है।
बांग्ला कैलेंडर के 25 पौष से शुरू होने वाले इस आनंदमय पर्व को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने रानीगंज थाना क्षेत्र के तिराट ग्राम पंचायत अंतर्गत मंडल नंबर 4 के बूथ संख्या 232 और 236 में स्थित आदिवासी गांव हरनपुर और डोहरपाड़ा का दौरा किया।
इस अवसर पर विधायक अग्निमित्रा पाल ने आदिवासी समुदाय को उनके पारंपरिक वाद्य यंत्र ढामसा और मादल भेंट किए। ये वाद्य यंत्र सहराय पर्व के दौरान विशेष महत्व रखते हैं और पीढ़ी दर पीढ़ी आदिवासी संस्कृति को जीवित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
ग्रामीणों से बातचीत करते हुए अग्निमित्रा पाल ने कहा सहराय या बांदना पर्व केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह आदिवासी समाज की संस्कृति, एकता और प्रकृति के साथ गहरे संबंध का प्रतीक है। इस विरासत की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
स्थानीय आदिवासी लोगों ने इस पहल पर खुशी जताई और विधायक के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि किसी जनप्रतिनिधि की इस तरह की उपस्थिति और सहयोग आदिवासी संस्कृति के प्रति सम्मान और पहचान का मजबूत संदेश देता है।
बांदना पर्व के अवसर पर आदिवासी संस्कृति को मिला सम्मान, अग्निमित्रा पाल की विशेष पहल
Reviewed by Bengal Media
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January 07, 2026
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