रानीगंज: रानीगंज स्थित एक निजी बैंक में एक ग्राहक के करंट अकाउंट से ₹2 लाख 20 हजार की कथित साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित ग्राहक शिवशंकर सिंह ने इस संबंध में आसनसोल साइबर क्राइम थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। मामले को लेकर उन्होंने बैंक प्रबंधन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं और आशंका जताई है कि बैंक से जुड़े किसी व्यक्ति के माध्यम से डेटा लीक हुआ हो सकता है।
पीड़ित के मित्र समीर चक्रवर्ती ने बताया कि शिवशंकर सिंह का बंधन बैंक में करंट अकाउंट है, जिसका उपयोग व्यापारिक कार्यों के लिए किया जाता है। उन्होंने बताया कि “श्री महावीर रोड लाइंस” नाम से कंपनी का अकाउंट खुलवाने की प्रक्रिया चल रही थी। बैंक के एक कर्मचारी ने कथित तौर पर उन्हें बताया कि ट्रेड लाइसेंस फिलहाल उपलब्ध नहीं होने के कारण उद्यम रजिस्ट्रेशन के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
आरोप है कि अकाउंट खोलने के लिए सभी जरूरी दस्तावेज संबंधित बैंक कर्मी को सौंपे गए। इसी दौरान ओटीपी साझा करने की बात कही गई। 2 फरवरी की शाम कथित रूप से एक कॉल आया, जिसके बाद ओटीपी शेयर किया गया। अगले दिन सुबह 10:21 बजे खाते से ₹2 लाख और 10:22 बजे ₹20 हजार कटने का मैसेज मिला। उस समय खाते में कुल ₹2.23 लाख मौजूद थे।
घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने तुरंत साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई और बैंक शाखा में भी लिखित सूचना दी। पीड़ित का आरोप है कि बैंक की ओर से उन्हें कोई ठोस लिखित आश्वासन नहीं दिया गया। हालांकि बाद में बैंक प्रबंधन की ओर से कहा गया कि लिखित शिकायत मिलने के बाद जांच की जाएगी और प्रक्रिया में लगभग 7 दिन का समय लग सकता है।
पीड़ित पक्ष ने यह भी दावा किया कि इससे पहले भी इसी क्षेत्र में एक अन्य ग्राहक के साथ धोखाधड़ी की घटना हुई थी, जिसमें बाद में राशि समायोजित की गई थी।
वहीं, बंधन बैंक के शाखा प्रबंधक से फोन पर संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि वे अवकाश पर हैं और इस मामले में शाखा के अधिकारियों से संपर्क किया जाए। उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड के मामलों में यह जांच की जाती है कि कहीं ग्राहक द्वारा ओटीपी या अन्य जानकारी साझा तो नहीं की गई। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट की जा सकेगी।
निजी बैंक खाते से ₹2.20 लाख की साइबर ठगी, बैंक कर्मी पर डेटा लीक का शक
Reviewed by Bengal Media
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February 05, 2026
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