आसनसोल- शाकंभरी परिवार, आसनसोल की ओर से गुरुवार, 8 जनवरी को मां शाकंभरी जयंती उत्सव का भव्य एवं भावपूर्ण आयोजन नेताजी सुभाष रोड स्थित सिंघानिया भवन में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ किया गया। आयोजन के दौरान संपूर्ण परिसर भक्तिरस में डूबा रहा और वातावरण “जय मां शाकंभरी” के जयघोष से गूंज उठा।
उत्सव का शुभारंभ मां शाकंभरी के अलौकिक एवं मनमोहक श्रृंगार, अखंड ज्योत प्रज्वलन तथा महामंगल पाठ के साथ हुआ। भक्तों ने मां को मेंहदी लगाकर, चुनड़ी उड़ाकर, गजरा पहनाकर तथा श्रद्धा सहित छप्पन भोग अर्पित कर अपनी भक्ति प्रकट की।
कोलकाता से पधारी मैया की लाड़ली डोली अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत मां शाकंभरी का दिव्य मंगलपाठ सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कई भक्तों की आंखें श्रद्धा और भक्ति से नम हो गईं। इसके पश्चात भजन-कीर्तन एवं भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें भक्त नाचते-झूमते हुए मां के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते नजर आए।
कार्यक्रम के उपरांत सवामणी एवं महाप्रसाद का आयोजन किया गया, जिसे भक्तों ने मां का आशीर्वाद मानकर श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया। इस पावन अवसर पर आसनसोल के अलावा कोलकाता, बर्द्धमान, बराकर, नियामतपुर, रानीगंज, देवघर, आद्रा, जामुड़िया, बर्नपुर, दुर्गापुर, जामताड़ा एवं धनबाद सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने मां शाकंभरी के दर्शन कर स्वयं को धन्य माना।
संस्था के सदस्य संजय सुलतानिया ने मां शाकंभरी की पौराणिक महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि दैत्य दुर्गम के कारण जब पृथ्वी पर सौ वर्षों तक वर्षा नहीं हुई और संसार भयंकर अकाल से जूझ रहा था, तब आदिशक्ति मां जगदंबा शताक्षी शाकंभरी रूप में प्रकट हुईं। माता के सौ नेत्रों से निकले करुणामय अश्रुओं से धरती पर जल का प्रवाह हुआ और अंततः मां ने दैत्य दुर्गम का वध कर संसार को संकट से मुक्त किया। इसी कारण वे दुर्गा देवी कहलायीं।
उन्होंने यह भी बताया कि मां शाकंभरी का प्राचीन एवं दिव्य मंदिर सकरायधाम (सीकर जिला, राजस्थान) में अरावली की हरी-भरी वादियों के बीच स्थित है, जिसका निर्माण सातवीं शताब्दी में हुआ माना जाता है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में शंकर क्याल, अशोक क्याल, महेश क्याल, संजय सुलतानिया, सतीश क्याल, विक्रम अग्रवाल, बिमल क्याल, मनीष क्याल, शीला क्याल, रिंकू सुलतानिया, श्वेता क्याल, रश्मि क्याल, शशि शर्मा, रोहन शर्मा, सुमित अग्रवाल सहित श्री शाकंभरी परिवार, आसनसोल के समस्त भक्तों का सराहनीय योगदान रहा।
अंत में शाकंभरी परिवार, आसनसोल ने मां शाकंभरी के चरणों में नमन करते हुए सभी भक्तों, सहयोगकर्ताओं एवं सेवाभावी सदस्यों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
आसनसोल में मां शाकंभरी जयंती उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न
Reviewed by Bengal Media
on
January 08, 2026
Rating:
Reviewed by Bengal Media
on
January 08, 2026
Rating:

No comments: