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नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की पहल पर रानीगंज में बंद पड़े FPO को फिर से शुरू करने की तैयारी













रानीगंज- रानीगंज के कोऑपरेटिव बैंक के सभागार में नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के रीजनल डायरेक्टर निरंजन सिन्हा के नेतृत्व में एक सभा का आयोजन किया गया जिसमें उन्होंने बताया कि रानीगंज कोऑपरेटिव बैंक के सहयोग से कुछ वर्ष पहले कोऑपरेटिव सोसाइटी एक्ट के तहत एक एफपीओ का रजिस्ट्रेशन किया गया था लेकिन यह फिलहाल कार्यरत नहीं है।
चुकीं पिछले कुछ समय में पश्चिम बर्दवान जिले में 5 एफपीओ का जो लक्ष्य रखा गया था उसमें से बाराबनी,जामुड़िया अंडाल और पांडेश्वर एफपीओ कार्यरत है और सफलता के साथ इसके सदस्यों को काफी फायदा मिल रहा है। वहीं पूरे राज्य में कुल 87 एफपीओ सफलता के साथ काम कर रहे हैं।
सिर्फ रानीगंज में इसकी कार्यविधि को पूर्ण रूप से शुरू करने के लिए इस सभा का आयोजन किया गया है जिसमें केंद्रीय और राज्य सरकार के अन्य विभागों के भी कई अफसर शामिल हैं। 
इस एफपीओ के अंतर्गत रजिस्टर्ड सदस्य बनने से कई तरह के लाभ है जिससे सदस्यों को ₹2000 अधिकतम तक सदस्य बनने पर उतनी ही राशि उनके खाते में जमा हो जाती है और साल के अंत में जो एफपीओ द्वारा लाभ का वितरण किया जाएगा उसमें एक बहुत अच्छा लाभ होता है।
यही नहीं मैनेजमेंट कोर्स के रूप में तकरीबन 18 लाख रुपया और अन्य मदों में 15 लाख रुपया राशि दिए जाने का भी प्रावधान है।
इसके अलावा नोडल सहयोगी या क्लस्टर बेस बिजनेस ऑर्गेनाइजेशन बनने पर बैंक को एक बड़ी राशि का लाभ होगा और मासिक भाड़े और ऑफिस यूटिलिटी के अलावा एक अकाउंट ऑफिसर और एक अन्य सीईओ की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। 
क्योंकि पश्चिम बर्दवान के अन्य जगहों पर और पूरे बंगाल के अन्य जगहों पर यह एफपीओ बहुत ही सफल रूप में कार्य कर रहा है और इसके द्वारा रजिस्टर्ड मेंबर लगातार लाभान्वित हो रहे हैं तो उन्होंने सभा के अध्यक्षता कर रहे रानीगंज कोऑपरेटिव बैंक के वाइस चेयरमैन संदीप भालोटीया से अनुरोध किया कि इस एफपीओ को इसके मूल स्वरूप में जल्द ही कार्यरत किया जाए और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाए ।
संदीप भालोटिया ने बताया कि एफपीओ के सदस्य बनने के लिए 18 वर्ष का होना और रानीगंज ब्लॉक का निवासी होना जरूरी है और जिसके अंतर्गत कृषि और कृषि जनित चीजों के उत्पादन या व्यवसाय से जुड़ा होना इसकी शर्तों में आता है।
यही नहीं एफपीओ पूर्ण रूप से कार्यरत होने के बाद क्लस्टर के रूप में इसे कई अन्य सुविधाएं मिलती है जिससे समाज के वर्गों को बहुत अच्छा फायदा मिलता है और वह अपने जीवन यापन और अपने जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में सहायक सिद्ध हो पाते हैं।
भालोटीया ने बताया कि बैंक की आगामी सभा में इस पर चर्चा कर सभी सदस्यों की राय लेकर इस एफपीओ की कार्य विधि को आगे बढ़ने का निर्णय लिया जाएगा।
नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की पहल पर रानीगंज में बंद पड़े FPO को फिर से शुरू करने की तैयारी नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की पहल पर रानीगंज में बंद पड़े FPO को फिर से शुरू करने की तैयारी Reviewed by Bengal Media on February 19, 2026 Rating: 5

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