रानीगंज थाना अब बच्चों के लिए बनेगा और भी सहज, चाइल्ड फ्रेंडली कॉर्नर का उद्घाटन ‘फिरे पावा’ पहल के तहत 70 लोगों को वापस मिले खोए मोबाइल, चित्रकला प्रतियोगिता के बच्चों को भी किया गया सम्मानित
रानीगंज: पुलिस थाना अक्सर आम लोगों के लिए गंभीर और तनावपूर्ण माहौल वाला स्थान माना जाता है, लेकिन बच्चों के लिए इस माहौल को सहज और भयमुक्त बनाने की दिशा में रानीगंज पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। रविवार को रानीगंज थाना परिसर में चाइल्ड फ्रेंडली कॉर्नर का उद्घाटन किया गया। इस विशेष कक्ष को बच्चों की मानसिक स्थिति और उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
चाइल्ड फ्रेंडली कॉर्नर में रंग-बिरंगे चित्रों, कार्टून पात्रों, खिलौनों और मनोरंजन से जुड़ी विभिन्न सामग्रियों की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य ऐसे बच्चों को सहज वातावरण उपलब्ध कराना है, जो किसी मामले में पीड़ित, प्रत्यक्षदर्शी या किसी अन्य कारण से पुलिस थाने पहुंचते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी अप्रिय घटना का सामना करने वाले बच्चों के मन पर उसका गहरा प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में थाना परिसर का सामान्य माहौल उनके लिए डर और तनाव का कारण बन सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए चाइल्ड फ्रेंडली कॉर्नर में बच्चों को खेल और मनोरंजन के माध्यम से सहज रखने का प्रयास किया गया है। पुलिस का मानना है कि जब बच्चा स्वयं को सुरक्षित और आरामदायक महसूस करेगा, तो वह बिना किसी भय या दबाव के अपनी बात पुलिस अधिकारियों के सामने बेहतर तरीके से रख सकेगा।
कार्यक्रम का दूसरा प्रमुख आकर्षण आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय की ‘फिरे पावा’ पहल रही। इस पहल के तहत पुलिस द्वारा बरामद किए गए 70 खोए हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे गए।
मोबाइल फोन वापस मिलने के बाद लोगों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। पुलिस द्वारा आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद मोबाइल फोन संबंधित लोगों को सौंपे गए।
मोबाइल प्राप्त करने वाले लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में मोबाइल फोन केवल बातचीत का साधन नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। मोबाइल खोने से आर्थिक नुकसान के साथ-साथ उसमें मौजूद जरूरी जानकारी को लेकर भी चिंता रहती है। ऐसे में पुलिस द्वारा तकनीकी माध्यमों से खोए मोबाइल बरामद कर उन्हें वास्तविक मालिकों तक पहुंचाना सराहनीय प्रयास है।
कार्यक्रम के दौरान लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों को भी सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार देकर उनका उत्साह बढ़ाया गया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना उनके व्यक्तित्व विकास के लिए महत्वपूर्ण है। चित्रकला जैसी गतिविधियां बच्चों की रचनात्मक सोच के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाने में सहायक होती हैं।
कार्यक्रम में रानीगंज के विधायक पार्थ घोष, सहायक पुलिस आयुक्त विमान कुमार मिर्धा, रानीगंज थाना प्रभारी सुबीर कर्मकार, विभिन्न पुलिस चौकियों के प्रभारी तथा अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
विधायक पार्थ घोष ने चाइल्ड फ्रेंडली कॉर्नर की स्थापना और खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को वापस सौंपने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के जनहितकारी कार्यों से पुलिस और आम नागरिकों के बीच विश्वास मजबूत होता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए थाने में भयमुक्त वातावरण तैयार करना संवेदनशील पुलिस व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बच्चे पुलिस को लेकर भयभीत होने के बजाय जरूरत पड़ने पर सहजता से अपनी बात रख सकें, इसके लिए इस तरह की व्यवस्था काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि मोबाइल फोन अथवा कोई अन्य महत्वपूर्ण वस्तु खोने की स्थिति में तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दें। समय पर शिकायत मिलने से तकनीकी संसाधनों और पुलिस तंत्र की मदद से खोई हुई वस्तु को बरामद करने की संभावना बढ़ जाती है।
रानीगंज थाना परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस की संवेदनशील पुलिसिंग, जनसेवा और नागरिकों के साथ बेहतर संवाद की तस्वीर सामने आई। एक ओर जहां बच्चों के लिए थाना परिसर में सुरक्षित और सहज माहौल तैयार किया गया, वहीं दूसरी ओर 70 लोगों को उनके खोए मोबाइल वापस देकर पुलिस ने नागरिकों के बीच विश्वास मजबूत करने का संदेश दिया।
रानीगंज थाना अब बच्चों के लिए बनेगा और भी सहज, चाइल्ड फ्रेंडली कॉर्नर का उद्घाटन ‘फिरे पावा’ पहल के तहत 70 लोगों को वापस मिले खोए मोबाइल, चित्रकला प्रतियोगिता के बच्चों को भी किया गया सम्मानित
Reviewed by Bengal Media
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August 16, 2026
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