आदिवासी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने हेतु विशेष सेमिनार आयोजित में अग्निमित्रा पॉल बोलीं- शिक्षा बदल सकती है समाज और राष्ट्र का भविष्य
आसनसोल : आदिवासी समाज के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा एवं रोजगार मुखी शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रविवार को बर्नपुर के भारती भवन में आदिवासी स्टूडेंट एंड यूथ फोरम की ओर से एक विशेष शैक्षणिक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस वर्ष यह पहल अपने चौथे वर्ष में प्रवेश कर गई है। कार्यक्रम में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण 700 से अधिक छात्र-छात्राओं तथा उनके अभिभावकों की उपस्थिति से सभागार पूरा भर गया।
सेमिनार का मुख्य उद्देश्य छात्रों को माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक के बाद उपलब्ध विभिन्न उच्च शिक्षा के अवसरों, विभिन्न पाठ्यक्रमों और सरकारी नौकरी की तैयारी के संबंध में सही दिशा प्रदान करना था। आयोजकों का कहना है कि आदिवासी समाज के अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थी जानकारी के अभाव में उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में पीछे रह जाते हैं। इसी बाधा को दूर करने के लिए इस पहल की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में लाकचार सेमलेत, पश्चिम बर्धमान मंजही मापाजी मांडया तथा ऑल आदिवासी को-ऑर्डिनेशन कमिटी ने सहयोग किया। सेमिनार में उपस्थित वक्ताओं ने छात्रों को उच्च शिक्षा, आधुनिक तकनीक आधारित पढ़ाई तथा नौकरी की तैयारी को लेकर विस्तृत जानकारी और परामर्श दिया।
कार्यक्रम में डॉ. नगेंद्रनाथ सोरेन, दुर्गादास सोरेन, मोतीलाल सोरेन, रामलाल टुडू, शोभन दुआरी, कुंतल दास, सौरभ चटर्जी, अली जिन्ना सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
वहीं आदिवासी स्टूडेंट एंड यूथ फोरम की ओर से हीरालाल सोरेन, लक्षिंद मार्डी, बलराम टुडू, संजय हांसदा, मालती किस्कू, दुर्गादास मुर्मू समेत संगठन के अनेक सदस्य एवं समर्थक मौजूद रहे।
कार्यक्रम में राज्य की मंत्री एवं आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पॉल विशेष रूप से उपस्थित होकर उन्होंने कहा कि मैं यहां किसी मंत्री या विधायक के रूप में नहीं, बल्कि एक दीदी के रूप में आई हूं। यह कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी भावी पीढ़ी को गढ़ने का एक महत्वपूर्ण संकल्प है। शिक्षा ऐसी शक्ति है जो एक परिवार से लेकर पूरे समाज और राष्ट्र का भविष्य बदल सकती है।
उन्होंने कहा कि पहले प्रतिभा होने के बावजूद आदिवासी समाज के कई छात्र अवसरों के अभाव में पीछे रह जाते थे। लेकिन अब केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के कारण आवासीय विद्यालय, आधुनिक शिक्षा व्यवस्था और खेल प्रशिक्षण के अवसर बढ़े हैं। आज आदिवासी समाज के छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और खेलकूद के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। केंद्र सरकार भी लगातार प्रयास कर रही है कि कोई भी आदिवासी समुदाय शिक्षा की मुख्यधारा से अलग न रहे।
सेमिनार के अंत में छात्रों के बीच उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित विभिन्न जानकारी पत्र वितरित किए गए। आयोजकों ने दावा किया कि भविष्य में इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन और बड़े स्तर पर किया जाएगा।
आदिवासी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने हेतु विशेष सेमिनार आयोजित में अग्निमित्रा पॉल बोलीं- शिक्षा बदल सकती है समाज और राष्ट्र का भविष्य
Reviewed by Bengal Media
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May 24, 2026
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