रानीगंज के सियारसोल राज परिवार की ऐतिहासिक पीतल की रथयात्रा की तैयारियां तेज, प्रशासन ने किया निरीक्षण
रानीगंज- रानीगंज के खनन क्षेत्र की विरासत, इतिहास और धार्मिक आस्था का प्रतीक सियारसोल राज परिवार का शताब्दी पुराना विशाल पीतल का रथ एक बार फिर रथयात्रा के लिए तैयार किया जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी ऐतिहासिक रथयात्रा को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। वहीं, पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
शुक्रवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर आसनसोल के महकमा शासक (एसडीओ) साधन देवनाथ ने सियारसोल राज परिवार के ऐतिहासिक पीतल के रथ का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ एसीपी बिमान कुमार मृधा, रानीगंज थाना अंतर्गत पंजाबी मोड़ फांड़ी के प्रभारी नजमुल हुडा, राज परिवार के सदस्य बिटल नाथ मालिया एवं अनुराधा मालिया सराफ मौजूद रहे। अधिकारियों ने एसएससीए क्लब के सदस्यों के साथ भी बैठक कर रथयात्रा की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान रथ की वर्तमान स्थिति, रथयात्रा मार्ग, संभावित बाधाओं, सुरक्षा व्यवस्था तथा भीड़ नियंत्रण के विभिन्न पहलुओं का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि रथयात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं।
गौरतलब है कि कुछ वर्ष पहले इस ऐतिहासिक पीतल के रथ का नए सिरे से निर्माण कराने की योजना बनाई गई थी, लेकिन वह साकार नहीं हो सकी। ऐसे में इस वर्ष भी वर्षों पुराने इसी ऐतिहासिक रथ की मरम्मत, सफाई और विशेष पॉलिश कर उसे रथयात्रा के लिए तैयार किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के लिए यह रथ केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि पूरे खनन क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और गौरव का प्रतीक भी है।
आगामी 16 जुलाई से सियाड़सोल का पारंपरिक रथ मेला शुरू होगा। रथयात्रा के दिन सुबह नए राजबाड़ी से ट्रक के माध्यम से इस विशाल पीतल के रथ को पुराने राजबाड़ी के सामने लाया जाएगा। इसके बाद हजारों श्रद्धालु और स्थानीय लोग रस्सी से खींचकर तथा हाथों से धक्का देकर इस ऐतिहासिक रथ को निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ाएंगे। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।
प्रशासन ने बताया कि रथयात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु रखने, मेले में दुकानों को नियमानुसार स्थापित कराने, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
प्रशासन और मेला समिति का उद्देश्य इस शताब्दी पुरानी परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखते हुए रथयात्रा एवं मेले का सफल, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करना है। इसी लक्ष्य के साथ इस वर्ष की रथयात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
रानीगंज के सियारसोल राज परिवार की ऐतिहासिक पीतल की रथयात्रा की तैयारियां तेज, प्रशासन ने किया निरीक्षण
Reviewed by Bengal Media
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July 10, 2026
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