रानीगंज: रानीगंज शिशुबागान स्थित नजरुल मंच में रविवार को शिव गुरु चर्चा को लेकर विशेष बैठक एवं चर्चा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिव चर्चा के मूल स्वरूप और उसके संदेश को समाज तक सही रूप में पहुंचाने को लेकर विचार-विमर्श करना रहा।
इस अवसर पर गुरु भाई श्री उमाशंकर जी विशेष रूप से उपस्थित रहे और शिव के शिष्य साहब हरिन्द्रानन्द जी के संदेश को उपस्थित शिव शिष्य के बीच रखा। कार्यक्रम में ऋतू राउत के अलावा गुरु बहन मुन्नी दी, जया दी, सोनिया दी, पिंकी दी, शोभा दी, ललिता दी, शिला दी, दीपिका दी समेत बड़ी संख्या में शिव शिष्य मौजूद रहे।
ऋतू राउत ने कहा कि 18 कालखंड के प्रथम शिव के शिष्य साहब हरिन्द्रानन्द जी का संदेश है कि “जन-जन शिव के शिष्य हो जाएं।” उन्होंने बताया कि दया, चर्चा और नमन इन तीन सूत्रों के माध्यम से लोगों को शिव गुरु की ओर उन्मुख करने का प्रयास किया जाता है।
संगोष्ठी के दौरान शिव चर्चा के मूल संदेश और वर्तमान समय में विभिन्न स्थानों पर हो रही चर्चाओं को लेकर भी चर्चा की गई। ऋतू राउत ने कहा कि कुछ स्थानों पर शिव गुरु चर्चा के साथ ऐसी परंपराएं और गतिविधियां जुड़ गई हैं, जिन्हें वे शिव चर्चा के मूल संदेश से अलग मानते हैं। इसी विषय को लेकर स्थानीय गुरु भाइयों के संयुक्त प्रयास से इस संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में श्री उमाशंकर जी ने शिव चर्चा के मूल स्वरूप, उससे जुड़ी मान्यताओं और वर्तमान समय में सामने आ रहे बदलावों के संबंध में उपस्थित शिव शिष्यों को विस्तार से जानकारी दी।
ऋतू राउत ने कहा कि शिव गुरु की चर्चा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा है। शिव शिष्य परिवार का प्रयास है कि शिव चर्चा अपने मूल स्वरूप में आगे बढ़े और इसके माध्यम से समाज में आध्यात्मिक चेतना, दया तथा सकारात्मक विचारों का विकास हो।
रानीगंज में शिव चर्चा के मूल स्वरूप पर संगोष्ठी, दया-चर्चा-नमन के संदेश पर हुआ विचार-विमर्श
Reviewed by Bengal Media
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September 28, 2026
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